19 सितंबर 2026 के प्रमुख करेंट अफेयर्स में जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन कानून के 1 अक्टूबर से प्रभावी होने, राजस्थान में नगर निकाय अध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम, चीन-पाकिस्तान 1963 समझौते पर भारत की आपत्ति और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम शामिल हैं।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 की तिथि तय
केंद्र सरकार ने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से जुड़े नियमों में संशोधन के लिए बनाए गए 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026' को प्रभावी करने की आधिकारिक तारीख निर्धारित कर दी है। गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, यह कानून 1 अक्टूबर से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। भारत के राजपत्र में 16 सितंबर को प्रकाशित अधिसूचना के तहत केंद्र सरकार ने इस अधिनियम (2026 का 12) की धारा 1 की उपधारा (2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 1 अक्टूबर की तिथि तय की है।
राजस्थान में नगर निकाय अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम
राजस्थान में स्थगित नगर निकाय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम सहित सुकेत नगर पालिका में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार, 25 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा, जबकि इसके अगले दिन यानी 26 सितंबर को उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे। इस घोषणा के साथ ही स्थानीय निकायों में चुनावी हलचल तेज हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा और समुद्री सुरक्षा पर भारत का कड़ा रुख
भारत ने चीन और पाकिस्तान के बीच 1963 में हुए सीमा समझौते और दोनों देशों के मध्य गठित बाउंड्री कमीशन को लेकर अपना कड़ा रुख दोहराया है। भारत ने स्पष्ट किया कि जब चीन और पाकिस्तान की आपस में कोई साझा सीमा लगती ही नहीं है, तो बाउंड्री कमीशन का कोई भी कानूनी आधार नहीं बनता है। भारत ने 1963 के उस ऐतिहासिक समझौते को पुनः खारिज कर दिया है। इसके अतिरिक्त, अरब सागर में जहाजों की टक्कर के मामले पर भारत ने पाकिस्तान द्वारा समुद्री कानूनों के उल्लंघन को लेकर आपत्ति जताई और पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी साद वराइच को विदेश मंत्रालय में तलब कर स्पष्टीकरण मांगा।
संवैधानिक याचिकाएं और चुनाव आयोग का हलफनामा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के पार्टी सिंबल को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में तर्क दिया गया कि आयोग ने उन बागी विधायकों के बयानों पर निर्भरता दिखाई है जो संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत अयोग्यता की कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर (SIR) के बाद मतदाता सूची से नाम जोड़े जाने या हटाए जाने को चुनौती देने वाली 37 लाख से अधिक अपीलें अभी भी लंबित हैं।
आर्थिक व राहत सहायता से जुड़े अन्य घटनाक्रम
बिहार में आई बाढ़ के संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत कार्य संचालित किए हैं। सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7,000 रुपये प्रति परिवार की दर से प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता के रूप में अब तक 550 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। इसी क्रम में राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने अपने तीन महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किया है। वहीं वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर, अमेरिकी संसद में एक विधेयक पारित किया गया है जिसमें रूसी तेल खरीदने वालों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान है, जिसे अंतिम कानून बनना शेष है।
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