Normalization se fayda kya hai?
कई छात्रों को लगता है कि नॉर्मलाइजेशन एक नुकसानदायक चीज है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। Normalization se fayda kya hai, इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आप और आपका दोस्त दोनों पढ़ाई में बहुत होशियार हैं। आपको 'Shift 1' मिली जिसका पेपर बहुत कठिन (Hard Shift in CET) था, और आपके 150 में से केवल 80 नंबर आए। वहीं आपके दोस्त को 'Shift 2' मिली जिसका पेपर बहुत आसान (Easy Shift) था, और उसने आराम से 110 नंबर ले लिए।
अगर बिना नॉर्मलाइजेशन के रिजल्ट निकाला जाए, तो आपका दोस्त पास हो जाएगा और आप फेल हो जाएंगे, जो कि सरासर गलत है क्योंकि आपकी शिफ्ट का पेपर हार्ड था। यहीं पर नॉर्मलाइजेशन काम आता है। नॉर्मलाइजेशन के बाद, आपके (हार्ड शिफ्ट वाले के) नंबर बढ़ाकर 100 या 105 कर दिए जाएंगे, और आपके दोस्त (आसान शिफ्ट वाले के) नंबर थोड़े कम करके बैलेंस कर दिए जाएंगे। इस तरह दोनों को Fair Result मिलता है। जिन उम्मीदवारों को कठिन शिफ्ट मिली उन्हें कोई नुकसान नहीं होता और आसान शिफ्ट वालों को फालतू का एक्स्ट्रा फायदा नहीं मिलता। सभी उम्मीदवारों को नौकरी पाने का एक समान अवसर (Equal Opportunity) मिलता है।
Kya Normalization me marks kam bhi hote hai (Marks Decrease)?
यह एक बहुत बड़ा सवाल है जो अक्सर इंटरनेट पर सर्च किया जाता है। हाँ, यह सच है कि CET normalization marks increase or decrease दोनों हो सकते हैं। अगर बोर्ड के डेटा और फॉर्मूले के हिसाब से आपकी शिफ्ट का पेपर बाकी सभी शिफ्ट्स की तुलना में बहुत ज्यादा आसान था, तो आपके थोड़े बहुत नंबर कम (Decrease) हो सकते हैं। वहीं अगर आपकी शिफ्ट का पेपर बहुत ज्यादा हार्ड था, तो आपके नंबर बढ़ (Increase) जाते हैं। यह सब पूरी तरह से आपकी शिफ्ट के एवरेज स्कोर (Average Score) पर निर्भर करता है। इसलिए परीक्षा देने के बाद छात्रों को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि अंत में रिजल्ट आपकी मेहनत और शिफ्ट की कठिनाई के आधार पर ही बनेगा।
CET normalization kab tak hota hai aur Result Process kya hai?
अब बात करते हैं टाइमिंग की। CET normalization kab tak hota hai - आपको बता दें कि परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद नॉर्मलाइजेशन नहीं होता है। RSMSSB सबसे पहले परीक्षा की ऑफिसियल आंसर की (Official Answer Key) जारी करता है। इसके बाद छात्रों को गलत सवालों पर आपत्ति (Objection) लगाने का समय दिया जाता है।
जब सभी आपत्तियों का समाधान हो जाता है और फाइनल आंसर की (Final Answer key) तैयार हो जाती है, उसके बाद कंप्यूटर द्वारा सभी शिफ्ट्स का डेटा निकालकर नॉर्मलाइजेशन का फॉर्मूला लगाया जाता है। आमतौर पर CET exam result घोषित होने से ठीक पहले यह प्रक्रिया की जाती है। पूरी परीक्षा खत्म होने के लगभग 1 से 2 महीने के भीतर बोर्ड नॉर्मलाइज्ड स्कोर (Normalized Scorecard) के साथ फाइनल रिजल्ट जारी कर देता है। आपके स्कोरकार्ड में आपके 'Raw Marks' और 'Normalized Marks' दोनों साफ़-साफ़ लिखे होते हैं, जिससे आप अपना असली स्कोर जान सकते हैं।